'महाभोज' (मन्नू भंडारी) - विस्तृत अध्ययन नोट्स
1. चरित्र चित्रण (Character Sketch)
क. दा साहब (मुख्यमंत्री):
* कुशल राजनीतिज्ञ: दा साहब उपन्यास के केंद्र में हैं। वे राजनीति के ऐसे 'खिलाड़ी' हैं जो नैतिकता का चोला ओढ़े रहते हैं पर सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
* छद्म व्यक्तित्व: वे सादगी और गांधीवादी मूल्यों का दिखावा करते हैं, लेकिन असल में वे बेहद चालाक और षड्यंत्रकारी हैं।
* प्रशासन पर नियंत्रण: वे पुलिस और न्यायपालिका को अपनी उंगलियों पर नचाते हैं ताकि उनकी कुर्सी सुरक्षित रहे।
ख. बिन्दा:
* क्रांतिकारी युवा: बिन्दा उपन्यास का वह पात्र है जो व्यवस्था से लड़ने का साहस रखता है। वह बिसू (बिसेशर) का अभिन्न मित्र है।
* सत्य का खोजी: बिसू की हत्या के बाद वह चुप नहीं बैठता और साक्ष्यों को जुटाने की कोशिश करता है।
* व्यवस्था का शिकार: अंत में उसे ही अपराधी घोषित कर जेल भेज दिया जाता है, जो यह दिखाता है कि भ्रष्ट तंत्र निर्दोषों को कैसे कुचलता है।
2. संदर्भ सहित व्याख्या (Contextual Explanation)
> "आवेश राजनीति का दुश्मन है।"
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* संदर्भ: यह कथन मुख्यमंत्री दा साहब का है।
* प्रसंग: जब उनके साथी या अधिकारी किसी समस्या पर उत्तेजित होते हैं, तब दा साहब उन्हें शांत रहने की सलाह देते हैं।
* व्याख्या: दा साहब का मानना है कि राजनीति भावनाओं से नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग की चालों से जीती जाती है। उनके लिए राजनीति एक शतरंज है, जहाँ हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए।
> "लाशें भी राजनीति का भोजन बनती हैं।"
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* संदर्भ: उपन्यास के शीर्षक 'महाभोज' की सार्थकता पर लेखिका का व्यंग्य।
* प्रसंग: बिसू की संदिग्ध मौत के बाद जिस तरह सत्ता पक्ष और विपक्ष सक्रिय होते हैं।
* व्याख्या: यहाँ बिसू की मृत्यु एक 'महाभोज' की तरह है, जहाँ राजनेता 'गिद्धों' की तरह उसकी लाश (मौत) का फायदा उठाकर अपने वोट बैंक को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
3. महत्वपूर्ण लघु प्रश्नोत्तर (Short Q&A)
* प्रश्न: 'महाभोज' उपन्यास का मुख्य विषय क्या है?
* उत्तर: राजनीति का अपराधीकरण और भ्रष्ट तंत्र द्वारा आम आदमी का शोषण।
* प्रश्न: 'सरोहा' गाँव क्यों चर्चा में है?
* उत्तर: क्योंकि वहाँ बिसू की हत्या हुई और वहाँ उपचुनाव होने वाले हैं।
* प्रश्न: बिसू (बिसेशर) की मृत्यु का कारण क्या था?
* उत्तर: उसने हरिजनों के अधिकारों और आगजनी की घटना के खिलाफ सबूत जुटाए थे, इसलिए उसे जहर देकर मार दिया गया।
* प्रश्न: 'मशाल' अखबार का संपादक कौन है?
* उत्तर: दत्ता बाबू।
* प्रश्न: सुकुल बाबू कौन हैं?
* उत्तर: वे पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विपक्ष के नेता हैं।
* प्रश्न: दा साहब ने सरोहा से किसे टिकट दिया?
* उत्तर: लखन को।
* प्रश्न: एस.पी. सक्सेना का तबादला क्यों कर दिया गया?
* उत्तर: क्योंकि वह ईमानदारी से जाँच कर रहे थे और दा साहब के चहेते जोरावर तक पहुँच रहे थे।
* प्रश्न: जोरावर कौन है?
* उत्तर: सरोहा का एक दबंग और भ्रष्ट व्यक्ति जिसे दा साहब का संरक्षण प्राप्त है।
* प्रश्न: बिन्दा को पुलिस ने क्यों पकड़ा?
* उत्तर: उसे बिसू की हत्या के झूठे आरोप में फंसा दिया गया ताकि असली गुनहगार बच सकें।
* प्रश्न: 'महाभोज' किस विधा की रचना है?
* उत्तर: मूलतः यह उपन्यास है, लेकिन इसे लेखिका ने बाद में नाटक के रूप में भी रूपांतरित किया।
* प्रश्न: महेश कौन है?
* उत्तर: एक शोधार्थी (Research Scholar) जो व्यवस्था को करीब से देखता है।
* प्रश्न: क्या उपन्यास में न्याय मिलता है?
* उत्तर: नहीं, उपन्यास का अंत निराशाजनक है जहाँ सत्य हार जाता है और सत्ता जीत जाती है।
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